नेपाल  विमान क्रैश में टीम ने ढूंढ निकाला है ब्लैक बॉक्स, क्या होता है  ब्लैक बॉक्स ?

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ब्लैक बॉक्स से पता चल सकता है हादसे का कारण:- नेपाल में क्रैश हुए एती एयरलाइंस विमान का ब्लैक बॉक्स रेस्कीयों ऑपरेशन में लगे टीम ने ढूंढ निकाला है। इससे प्लेन क्रैश होने की असल वजह सामने आ सकती है। पता चल सकता है कि विमान में आखिरी बक्त पायलेट और एटीसी के बीच क्या बात हुई। आइए आपको बताते है कि ये ब्लैक बॉक्स क्या होता है। और क्यों किसी प्लेन के क्रैश होने के बाद इसे ढूंढने की कोशिश होती है। दरअसल, ब्लैक बॉक्स स्टील या टायटेनियम से बना एक ऑरेज कलर का डिवाइस होता है। इसे फ्लाइट रिकॉडर भी कहा जाता है। ये दो प्रकार का होता है।

ब्लैक बॉक्स कॉकपिट में हुए बातचीत को रिकॉर्ड करता है

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एक कंपोनेंट फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर यानी FDR और एक कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर यानी CVR होता है। CVR जैसा की नाम से ही साफ है ये कॉकपिट में हुए बातचीत को रिकॉर्ड करता है। इसमें पायलट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल के साथ हुई बातचीत को रिकॉर्ड किया जाता है। हालांकि, CVR में केवल 2 घंटे की कॉकपिट रिकॉर्डिंग होती है। एक फिक्स टाइम के साथ इसको नए डेटा के साथ रिप्लेस कर दिया जाता है। जबकि FDR में 25 घंटे तक का फ्लाइट डेटा स्टोर होता है। जिसमें हवा की स्पीड, ऊचाई, फ्यूल फ्लो जैसी करीब 80 गतिविधियों को प्रति सेकेंड के हिसाब से रिकॉर्ड करता है। 

1100 डिग्री सेल्ससियस तापमान 20, हजार फिट डेप्थ अंडर वाटर प्रेशर मे भी सरवाइव कर सकता है ये डिवाइस 

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ये डिवाइस बेहद ही ड्यूरेबल होता है और 3,400 Gs या ग्रेविटेशनल एक्सीलरेशन को भी सर्वाइव कर जाता है। 1100 डिग्री सेल्ससियस के तापमान भी झेल सकता है और 20 हजार फिट डेप्थ अंडर वाटर प्रेशर को भी झेल सकता है। हलांकि आपकी जानकारी के लिए बता दे कि नेपाल के पोखरा में हुए विमान क्रैश में सभी मारे गए है। जिसमें 4 क्रू  मेंबर्स समेत 68 पैसेंजर्स सवार थे। इस हादसे को लेकर अभी वजह साफ नहीं है। अभी इसकी जांच चल रही है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी या मानवीय त्रुटि के चलते ये हादसा हुआ होगा। पूरी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही क्रैश की वजह सामने आ पाएगी।

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